तिरंगा

ना बिलखे भूख से ना कोई बच्चा नंगा रहे
ना हो आतंक के साये ना कहीं कोई दंगा रहे
मेरे भारत में चहुँ ओर बस प्रेम की गंगा बहे
“आदि” का हो अन्त तब उसका कफ़न तिरंगा रहे

जय हिन्द ! जय भारत !
ऋषभ जैन “आदि”


लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

3 Comments

  1. Anirudh sethi - August 13, 2016, 12:32 am

    bahut hi badia

  2. देव कुमार - August 13, 2016, 12:40 pm

    So Nice

Leave a Reply