कंकड वाले रास्ते हो ,या हो साफ रास्ते,
सफर को पुरा करने के लिए अरमान बाँकी है।
बाँध लिया कफन तेरे नामो की माथे पर ,,
तेरे सफेद हाथो मे मेहदी लगाने का ख्वाइश अभी बाँकी है।।
कह दो जवाने वालो को खुल- कर मेरे चाहने वाले को दुआ देने वाले अभी भी बाकी है।
तेरे साथ कदम- कदम मिलाकर चलने की -और
आसमान से सितारे तोड़कर तेरे पाँव के नीचे सजाने का अरमान अभी बाँकी है।
अगर कोई सिकवा हो हमसे तो बोल देना मेरी खव्वाइश को पत्थर मरवाकर लहुँ-लुहाँन करवा देना,
अपने दरवाजे की समाने मुझे दफना देना ,
क्योकि ख्वाइश और अरमान किसी के दिल मे एक बार पलता ,,
अब तुम्हारा इच्छा मेरी ख्वाइश को दफना देना या मेरे डोली चार चाँद लगवा देना।✍✍✍✍
ज्योति
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