दिल की बात

मैं अल्फ़ाज़ हूँ तेरी हर बात समझता हूँ,
मैं एहसास हूँ तेरे जज़्बात समझता हूँ,
कब पूछा मैने की क्यूं दूर हो मुझसे,
मैं दिल रखता हूँ तेरे हलात समझता हूँ…!

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