नज्म

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इक नज्म है जो दबी हूई है दिल की दरारों में
आज फिर बहुत कोशिश की मगर निकल ना पाई

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Panna.....Ek Khayal...Pathraya Sa!

3 Comments

  1. राही अंजाना - July 31, 2018, 10:53 pm

    Wah

  2. Abhishek kumar - November 29, 2019, 8:20 am

    Good

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