पल – पल – 3

पल पल

घटता बहुत कुछ यहां ,

जो रिश्ते कल बुने , देखा उनका अंत आज यहीं ,

ख्वाब नये जो देख रहा , होगा उनका भी अंत यहीं

Comments

2 responses to “पल – पल – 3”

  1. राम नरेशपुरवाला

    Good

  2. nitu kandera

    लाजवाब

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