बीते कल

ए हमजोली जरा बता तो सही कहाँ गए वो दिन ।
रह नहीं पाते थे कभी हम एक दूसरे के बिन।।
वो कसमे वादे वो हसीन ख्यालों के मीठा ख्वाब।
आज वक्त के साथ सभी क्यों दफन हो गए जनाब।।
याद है तुम्हें जब हम कभी तुझ से रुठ जाया करते थे।
चाँद से सितारे तोड़ लाने की तुम बातें किया करते थे।।


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6 Comments

  1. Geeta kumari - September 3, 2020, 11:56 am

    वाह वाह क्या बात है

  2. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - September 3, 2020, 12:18 pm

    बेहतरीन

  3. मोहन सिंह मानुष - September 3, 2020, 2:29 pm

    सुन्दर प्रस्तुति

  4. Satish Pandey - September 3, 2020, 3:10 pm

    बहुत खूब

  5. प्रतिमा चौधरी - September 3, 2020, 5:42 pm

    उम्दा प्रस्तुति

  6. Suman Kumari - September 3, 2020, 5:54 pm

    सुन्दर अभिव्यक्ति

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