महात्मा गाँधी

चले हम उस रह पर,जो रह बापू ने दिखाई,
छलके चरित्र मे सबके सदा जीवन और सचाई |
खुशियों से भर जाये हर एक आंगन,
देश को चाहिए गाँधीवादी शासन |

बिना खून बहाये, बिना चोट पहुंचाए
अंग्रेज उन्होंने मार भगाए
उच्च कर्म करके बढाया देश का मान
गाते रहते
“रघु पति राघव राजा राम
पतित पावन सीता राम ”
इस दशहरे जाला दो मन का रावन
देश को चाहिए गांधीवादी शासन

Published in हिन्दी-उर्दू कविता

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