माँ शारदे की इतनी रहमत

माँ शारदे की इतनी रहमत बरसती है
लेखनी भी आपके पास रहने को तरसती है
मन के भाव इतने गहरे होते हैं
शब्द जैसे माला के मोती पिरोये होते हैं
संचालन इतना बखूब होता है
इक समां सा बंध जाता है
मन मेरा आपको सेल्यूट मारने को चाहता है ।
गुरु पूर्णिमा पर आपके लिए विशेष

– रीता अरोरा

Related Articles

प्यार अंधा होता है (Love Is Blind) सत्य पर आधारित Full Story

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥ Anu Mehta’s Dairy About me परिचय (Introduction) नमस्‍कार दोस्‍तो, मेरा नाम अनु मेहता है। मैं…

Responses

New Report

Close