मुक्तक

क्यों है तेरी बेरुखी क्यों तुम बदल गये हो?

बेबसी के कदमों से मुझको कुचल गये हो!

सूरतें उम्मीदों की अब आती नहीं नजर,

मजबूरी के साँचे में क्यों तुम ढल गये हो?

 

रचनाकार- मिथिलेश राय #महादेव’


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Lives in Varanasi, India

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4 Comments

  1. Anirudh sethi - August 20, 2016, 2:49 am

    उम्दा

  2. महेश गुप्ता जौनपुरी - October 17, 2019, 7:26 pm

    वाह बहुत सुंदर

  3. Pragya Shukla - April 8, 2021, 11:15 pm

    बहुत खूब

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