मुक्तक

ख्वाबों के जहाँन हमेशा नहीं रहते!

जख्मों के निशान हमेशा नहीं रहते!

रुकते नहीं हैं रास्ते मंजिल के कभी,

दर्द़ के तूफान हमेशा नहीं रहते!

 

रचनाकार- मिथिलेश राय #महादेव’


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Lives in Varanasi, India

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3 Comments

  1. Anirudh sethi - August 20, 2016, 2:49 am

    उम्दा लाइने

  2. Pragya Shukla - April 8, 2021, 11:15 pm

    खूबसूरत पंक्ति

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