मुक्तक

गम-ए-अंजाम को तेरे नाम मैं करता हूँ!
तेरी दर्दे-महफिल को सलाम मैं करता हूँ!
जिन्दा है अभी शौक जल जाने का महादेव,
शामों सहऱ सिर्फ यही काम मैं करता हूँ!

#महादेव की कविताऐं

Previous Poem
Next Poem

लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

Lives in Varanasi, India

1 Comment

  1. Nitika - November 8, 2016, 2:51 pm

    nice

Leave a Reply