मुक्तक

तेरी चाहत मेरे गुनाह जैसी है!
तेरी चाहत दर्द की आह जैसी है!
आँखों में आहट है ख्वाबों की लेकिन,
तेरी चाहत सितम की राह जैसी है!

मुक्तककार- #महादेव'(22)

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Lives in Varanasi, India

2 Comments

  1. Kumar Bunty - April 22, 2017, 1:44 am

    KABIL-E-TAARIF

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