मुबारक

मुबारक हो तुमको एक नई रोशनाई,,
चाहतों के समुंदर की प्यारी गहराई,,
क्या तोहफा दूँ तुमको, समझ नहीं आता,,
तुमने ने तो सारी दुनिया हैं महकाई,,

हर तरफ अपनी मुस्कान बिखेरते रहना,,
गमो को तो बस भैस चराने भेज देना,,
शोपिंग करना, चहकते रहना, संवरते रहना
अगर कोई सड़ता हैं तो उसे सड़ने देना!!

सूरज से तेज किरणों में भी गुलाब सी महकती रहना,,
खाली बैठकर कभी कभार हमको भी याद करती रहना,,
इस ज़माने में बचाना चाहती हो अगर अपना वजूद तो,,
आठवां फेरा कन्या भ्रूण हत्या को रोकने खातिर ले लेना,,

Previous Poem
Next Poem

लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

पेशे से इंजीनियर,,, दिल से राईटर

8 Comments

  1. Ankit Bhadouria - December 10, 2015, 11:26 am

    इस ज़माने में बचाना चाहती हो अगर अपना वजूद तो,,
    आठवां फेरा कन्या भ्रूण हत्या को रोकने खातिर ले लेना,,…..so nice thoughts !! v. nice 🙂

  2. Sonia Kulshrestha - December 10, 2015, 11:48 am

    bahut ache shabd or bhavnaae….nice poem 🙂

  3. Panna - December 10, 2015, 12:53 pm

    Sundar lafzo me sundar vichaar

  4. Anjali Gupta - December 10, 2015, 1:02 pm

    behad khoobsurat poem 🙂 🙂

  5. anupriya sharma - December 10, 2015, 7:02 pm

    hats off to you ankit…nice poetry

  6. Komal Nirala - December 10, 2015, 8:27 pm

    waah..! bohot badhiyaa vichar.. 🙂

  7. अंकित तिवारी - December 12, 2015, 12:22 pm

    Shukriya aap sab ka…. Nai urja sancharit huyi aapke is pyaar ke kaaran

  8. महेश गुप्ता जौनपुरी - September 11, 2019, 11:37 am

    वाह बहुत सुंदर

Leave a Reply