मुहब्बत में आ गये

जितने भी थे फरेबी सियासत में आ गये
बाकी बचे जो उनकी हिमायत में आ गये

कानून को जो खेल समझते रहे सदा
वो आज देख लीजे अदालत मे आ गये

अब पाँच साल बाद नज़र आएँगे सभी
भरपूर वोटों से जो बहुमत में आ गये

नफरत की आग शहर में फैला के चार सू
हाकिम हमारे घर भी इयादत में आ गये

दौलत की मेरे घर में कमी अब नहीं रही
जब से पिता जी मेरे हुकूमत में आ गये

बेवजह तो नहीं है इनायत ये आपकी
कहते हैं आप हम तो मुहब्बत में आ गये

महँगाई मार डालेगी इस दौर की हमें
अच्छे दिनों की आस थी ज़हमत में आ गये

जब ‘साद’ हमको उनकी भी पहचान हो गयी
हम अपने इस शऊर से हैरत में आ गये

अरशद साद ‘रूदौलवी’

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1 Comment

  1. Ritika bansal - August 22, 2016, 3:26 pm

    बहुत सुन्दर

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