मेरी आवाज दबा दी गयी

मेरी आवाज दबा दी गयी
मेरे अल्फ़ाज मिटा दिये गये
जला दिया मेरा जिस्म भी दुनिया ने
मगर ख्वाहिशे कहां मिटती है
ढ़ूढ़ लेती है कोई न कोई राह
निकल पडती है परत दर परत
मिट्टी में मिलने के बाद
इक नन्हे पौधे की तरह!

Comments

5 responses to “मेरी आवाज दबा दी गयी”

  1. UE Vijay Sharma Avatar
    UE Vijay Sharma

    ख्वाहिशे कहां मिटती है ….. Khoob kha Panna Saheb

  2. Lokesh Nashine Avatar
    Lokesh Nashine

    Nice

  3. Abhishek kumar

    Meri awaaz hi Pehchaan hai

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