यह बात अफवाह सी लगती है !

ये बात अफवाह सी लगती है
कि ,सच्चा प्रेम कहीं मिला
भीड़ में कहीं इंसान दिखा

यह बात अफवाह सी लगती है
कहीं ज्ञान का दीपक जला
किसी के हिस्से का अँधेरा मिटा
कुछ ज़िन्दगियों को बसेरा मिला
किसी की ज़िन्दगी में सवेरा हुआ

यह बात अफवाह सी लगती है
कि,कहीं ईमानदार आगे बढ़ा
कोई शोषित दलित उन्नति के शिखर पर चढ़ा
कहीं जाति,धर्म ,रंग,लिंग के भेद पर भेदभाव नहीं हुआ
कहीं भ्रष्टाचार का प्रभाव कम हुआ

यह बात अफवाह सी लगती है
कि शहर में नारी सुरक्षित है
और कानून व्यवस्था रक्षित है
कि बच्चों के पढ़ने के लिए स्कूल हैं
इन्सानो का भी कुछ उसूल है

यह बात अफवाह सी लगती है
कि खेतों में हल बैल और किसान है
किसानों के पास कुछ सुविधा सामान है
ठिठुरती सर्द रातों में हर सर के ऊपर छत है
हर इंसान प्रकट कर सकता अपना मत है

यह बात अफवाह सी लगती है
टी वी चैनलो पर सही न्यूज़ है
विद्युत् सर्किट में लगा हुआ फ्यूज़ है
देश के नेता ईमानदार हैं
अच्छाई के पैरोकार है
यह बात अफवाह सी लगती है।

तेज

Previous Poem
Next Poem

लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

Lives in New Delhi, India

Leave a Reply