बेखौफ है हम, देखो इस जहाँ से
जो संग मेरे तू है इतमिनान से
बीते साये में तेरे ये दिन
तुम्हें कह रहा हूँ यारा ईमान से
कहीं मुस्कुराहट है बिखेरती ,ये बिमारी
मेरी मुश्किलों को आसान कर रही, तेरी यारी
अब बिन तेरे दुनिया लगे ये ,न्यारी न्यारी
मुझपे चढी है दोस्ती की ये खुमारी
कभी रख सके जो, तेरे दिल पे हम कहीं
कुछ आहें ये मेरी, कुछ बात अनकही
इन बातों को तुम दफन कर लेना उस जगह
जहाँ ढूँढ फिर सके ,न तेरे सिवा कोई
पल-पल सताए पल-पल मनाए हमें ये दीवानी
विश्वास के पन्नों मे सिमटी तेरी मेरी कहानी
::कायल्पिक::
Happy friendship day
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