वर्चुअल दुनिया

वो कनेक्ट होना चाहता है
पूरी दुनिया से
वर्चुअली
लेकिंन अपनी रियल दुनिया
के लिए
उसको फुरसत नही

फेस बुक पर
5000 मित्र है
और 10000 फॉलोवर
ट्विटर में ट्रेंड करता है वह
और इंस्टाग्राम में हिट है
पर उसका दुनिया में
कोई रियल मित्र नही

वर्चुअल दुनिया के डिस्कशन का हीरो है
किसानो की समस्या हो
या नारी पर अत्याचार
आर्थिक नीति हो
या भ्रष्टाचार
पर रियलिटी से कोई सम्बन्ध नहीं

फेस बुक पर ही
इश्क़ करता है
किसी अनजाने प्रोफाइल की
सुन्दर फ़ोटो पर
अपनी जान छिड़कता है
घर पर इंतज़ार करती पत्नी से
कोई मतलब नहीं

वर्चुअल रियल हो गया
रियल अन रियल
दुनिया सीमित हो गयी
13 इंच के भीतर
चौकोर सी ।

तेज

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Lives in New Delhi, India

7 Comments

  1. Panna - April 12, 2016, 11:52 am

    उम्दा!

  2. Tej Pratap Narayan - April 12, 2016, 11:55 am

    thank you .

  3. Ajay Nawal - April 12, 2016, 3:13 pm

    Nice poem Tej sir

  4. Kiran - April 14, 2016, 3:16 pm

    So true sir

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