शागिर्द ए शाम

जब शागिर्द ए शाम तुम हो तो खल्क का ख्याल क्या करें
जुस्तजु ही नहीं किसी जबाब की तो सवाल क्या करें

sign

Comments

7 responses to “शागिर्द ए शाम”

  1. महेश गुप्ता जौनपुरी Avatar
    महेश गुप्ता जौनपुरी

    वाह बहुत खूब लिखा

  2. राम नरेशपुरवाला

    वाह

  3. राम नरेशपुरवाला

    Nice

  4. Abhishek kumar

    Mast

  5. Kanchan Dwivedi

    Nice

  6. Satish Pandey

    वाह

  7. Satish Pandey

    बहुत खूब

Leave a Reply

New Report

Close