समा लेती है…

समा लेती है ,
हर भाषा को,
अपने भीतर ,
जिसकी कोई सीमा नहीं ,
वो पूर्ण है खुद से,
मेरी हिंदी जैसी कोई नहीं…


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12 Comments

  1. Suman Kumari - September 14, 2020, 11:41 pm

    सच में हिन्दी जैसी कोई नहीं

  2. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - September 15, 2020, 9:55 am

    सुंदर

  3. Geeta kumari - September 15, 2020, 12:37 pm

    सुन्दर भाव

  4. Pragya Shukla - September 15, 2020, 3:41 pm

    True and awesome line

  5. मोहन सिंह मानुष - September 16, 2020, 11:24 pm

    Very nice

  6. Pratima chaudhary - September 17, 2020, 8:40 am

    Thank you

  7. Aditya Kumar - September 17, 2020, 4:27 pm

    अति सुन्दर। सरल भाषा में हिंदी कि महत्ता बता दी आपने

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