साज

तुम साज दो,में स्वर मिलाऊ
आवाज़ दो ,संग संग आ जाऊँ

लहर लहर आभास तेरा
कश्ती दो तो पार हो जाऊँ

तुम साज दो,में स्वर मिलाऊ

-विनीता श्रीवास्तव(नीरजा नीर)-

Comments

4 responses to “साज”

  1. Vinita Shrivastava Avatar
    Vinita Shrivastava

    Aabhaar

  2. राम नरेशपुरवाला

    वाह

  3. राम नरेशपुरवाला

    सुन्दर

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