सुनो, मैंने भी एक दौर देखा हैं..

सुनो, मैंने भी एक दौर देखा हैं..

पिछले कुछ समय में मैंने एक दौर देखा हैं,
मैंने अन्ना का आंदोलन देखा हैं,
मैंने निर्भया की माँ देखी हैं,
मैंने रोहित वेमुला की लाश देखी हैं,
दिल्ली की गद्दी को बदलते देखा हैं,
जिनकी गोली नहीं, बल्कि कलम से डर था, उनकी मौत देखी हैं,
कभी जो डरकर जात छुपाते थे,
उनको खुलकर खुद को चमार कहते देखा, ,
जो खुद के रेप की रिपोर्ट लिखाने पुलिस स्टेशन तक नहीं जा सकी,
आज उसको दूसरों के हक़ के लिए लड़ता देखा हैं ,
थोड़े से समय में मैंने एक दौर देखा हैं.

सुनो, मैंने भी एक दौर देखा हैं……

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7 Comments

  1. Ankit Bhadouria - February 15, 2016, 5:04 pm

    Haqikat !!

  2. Panna - February 15, 2016, 7:29 pm

    rightly said

  3. UE Vijay Sharma - February 16, 2016, 2:33 pm

    Expression.. Rhythm.. Beautiful

  4. महेश गुप्ता जौनपुरी - September 9, 2019, 7:14 pm

    वाह बहुत सुंदर

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