ख़ुशियों के पल में तो …

ख़ुशियों के पल में तो
ख़ुशियों ने बख़ूबी साथ निभाया,

और जब-जब मन निराश हुआ
तब-तब क़लम के माध्यम से बनी
कविता ने शांति का एहसास कराया,

मैं अपनी कलम के हर एक सफर को नमन करता हूँ
मेरे लेख को समझने वाले हर एक सदस्य का आज विश्व कविता दिवस पर तहे दिल से आभार व्यक्त करता हूँ।

-मनीष

Related Articles

प्यार अंधा होता है (Love Is Blind) सत्य पर आधारित Full Story

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥ Anu Mehta’s Dairy About me परिचय (Introduction) नमस्‍कार दोस्‍तो, मेरा नाम अनु मेहता है। मैं…

दुर्योधन कब मिट पाया:भाग-34

जो तुम चिर प्रतीक्षित  सहचर  मैं ये ज्ञात कराता हूँ, हर्ष  तुम्हे  होगा  निश्चय  ही प्रियकर  बात बताता हूँ। तुमसे  पहले तेरे शत्रु का शीश विच्छेदन कर धड़ से, कटे मुंड अर्पित करता…

अपहरण

” अपहरण “हाथों में तख्ती, गाड़ी पर लाउडस्पीकर, हट्टे -कट्टे, मोटे -पतले, नर- नारी, नौजवानों- बूढ़े लोगों  की भीड़, कुछ पैदल और कुछ दो पहिया वाहन…

Responses

New Report

Close