अंताक्षरी

तेरे प्यार की अंताक्षरी में राही हार कर,
बैठा है जंग शब्दों से अक्षरी जीत कर।।
राही अंजाना

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One response to “अंताक्षरी”

  1. राम नरेशपुरवाला

    Wah

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