अपनी दूरदर्शिता से
मैं देख पा रही हूं
अंधी हूं मगर
सपने देखती जा रही हूं
देखती हूं यह सपना
की एक दिन देखूंगी मैं दुनिया
फूल चुनूगी चमन से
बिखरा दूंगी कलियां
कोई तो होगा
जो मेरे जीवन में भरेगा ज्योति
कल सुबह देखूंगी दुनिया
यही स्वप्न लेकर हूँ सोती।
अंधी लड़की:-कोई तो होगा जो भरेगा मेरे जीवन में ज्योति!!

Comments
2 responses to “अंधी लड़की:-कोई तो होगा जो भरेगा मेरे जीवन में ज्योति!!”
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वाह
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धन्यवाद आपका आभार
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