सुगंधि सी है मौसम में,
सितार से बज रहे हैं
महक मौसम को मधुर,
अच्छा हो अगर कर दो
गीत गाता है कोई प्रीत के अगर,
छू के अधरों से, उस गीत को
अच्छा हो अमर कर दो
बहुत ही कठिन होता है,
चुराना ज़िन्दगी से कुछ लम्हे
तुम भी कुछ लम्हे चुराओ कभी,
अच्छा हो अगर कर दो
*****✍️गीता
Leave a Reply
You must be logged in to post a comment.