अतीत की छाया पड़ने न देना,
यादों का साया दुख देता है ।
खूश रख अपने को फिलहाल से,
उम्मीद का सवेरा सुकून देता है,
लगा अनुमान मस्तिष्क से तू,
कौन बुरा, कौन अच्छा है!
ढूंढ इस पल में ही खुशियां,
मुस्कराने में क्या जाता है!
अतीत की छाया
Comments
12 responses to “अतीत की छाया”
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कर्म की महत्ता को स्वीकार करना अति आवश्यक है। मनुष्य को अपने आज में जीना समझना होगा
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हार्दिक धन्यवाद
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Kya baat h!❤😊
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धन्यवाद जी
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Very nice
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धन्यवाद सर
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अतिसुंदर
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बहुत-बहुत धन्यवाद सर
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जो दुख देने वाली बातें हैं उन्हें हमें कभी याद नहीं करना चाहिए हमें अपने वर्तमान में खुश रहने की कोशिश करनी चाहिए
बहुत ही सुंदर भाव अभिव्यक्ति-

बहुत बहुत धन्यवाद
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Awesome line
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धन्यवाद सर
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