अपने नजरों की मेहर बरसा

shaabir-poetry

Comments

6 responses to “अपने नजरों की मेहर बरसा”

  1. Neelam Tyagi Avatar

    अब इश्क की दुनिया में आने से डरते है
    नजरों को बेवजह मिलाने से डरते है
    कही टूट न जाये फिर से कहीं
    दिलों के फिर से टकराने से डरते है

    1. Panna Avatar

      bahut khoob neelam ji

  2. राम नरेशपुरवाला

    Good

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