अपने नजरों की मेहर बरसा
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6 responses to “अपने नजरों की मेहर बरसा”
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अब इश्क की दुनिया में आने से डरते है
नजरों को बेवजह मिलाने से डरते है
कही टूट न जाये फिर से कहीं
दिलों के फिर से टकराने से डरते है-

bahut khoob neelam ji
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so nice
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Shukriya #panna
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Nice rply #neelam
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Good

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