अभी भी…

अभी भी उम्मीद बाकी है,
अभी मेरी सांसों में सांस बाकी है।
कुछ छूने की ऊंचाईयां,
कुछ पाने की इच्छा
अभी मेरे सपनों में जान बाकी है।

Comments

10 responses to “अभी भी…”

  1. अभी नापी है मैंने मुठ्ठी भर जमीं
    अभी तो सारा आसमान बाकी है

    1. बहुत सुंदर पंक्तियां
      धन्यवाद

  2. Deep

    एक रात आप ने उम्मीद पे क्या रक्खा है

    आज तक हम ने चराग़ों को जला रक्खा है

    1. बहुत सुंदर
      धन्यवाद

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