अभी भी उम्मीद बाकी है,
अभी मेरी सांसों में सांस बाकी है।
कुछ छूने की ऊंचाईयां,
कुछ पाने की इच्छा
अभी मेरे सपनों में जान बाकी है।
अभी भी…
Comments
10 responses to “अभी भी…”
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सुन्दर
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धन्यवाद जी
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सुंदर
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धन्यवाद सर
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अभी नापी है मैंने मुठ्ठी भर जमीं
अभी तो सारा आसमान बाकी है-

बहुत सुंदर पंक्तियां
धन्यवाद
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एक रात आप ने उम्मीद पे क्या रक्खा है
आज तक हम ने चराग़ों को जला रक्खा है
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बहुत सुंदर
धन्यवाद
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वाह
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धन्यवाद सर
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