अहद ए दिल नें ही तो हमें बर्बाद कर दिया,रकीबों की रकीबत का पर्दा-फाश कर दिया,
उनके हर्फ़ों की चर्चा होने लगी हर तरफ , मेरी शराफत को भी बदनाम कर दिया,
अहल ए दिल
Comments
3 responses to “अहल ए दिल”
-

bahut khoob:)
-

धन्यवाद
-

वाह वाह सराहनीय
Leave a Reply
You must be logged in to post a comment.