आँखे

बन्द कर लो बेशक ऑंखें मर्ज़ी तुम्हारी सही,
तुम्हारी आँखों से मुतासिर आँखें हमारी सही।।

राही अंजाना

मुतासिर – प्रभावित

Comments

4 responses to “आँखे”

  1. राम नरेशपुरवाला

    Good

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