रो रहा था वो भी
रो रहे थे हम भी..
लेकिन ना उसे हमारे आँसुओं की परवाह थी
और ना हमें उसके जाने की..
आँसुओं की परवाह
Comments
7 responses to “आँसुओं की परवाह”
-
बहुत बहुत बहुत ही सुंदर
ना जाने क्यों यह पंक्तियां पढ़कर मुझे बेचैनी हो रही है-

जब किसी बात को हम खुद से जोड़कर पढ़ते हैं तो ऐसा ही होता है
-
सत्य वचन
-
-
-
Heart touching lines.
-

Thnx
-
-
अतिसुंदर
-

Tq
-
Leave a Reply
You must be logged in to post a comment.