आईना

आसमान धुंधला नज़र आता है
आईना तो वही है लेकिन
चेहरा गमगीन नज़र आता है आसमान
मिटती बनती रहती हैं रेखायें फिर भी
नसीब बदलता ना नज़र आता है

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