आजादी

आजादी

चंद सिरफिरे ही थे
जो लेकर आये थे उसे

फिर उनसे हाथ छुड़ा
जाने कहां खिसक गई

अब सुनते हैं कि
ठहरी है
रसूखदारो के यहाँ

जो आ रही थी
मुल्क में
रास्ता भटक गई

Comments

3 responses to “आजादी”

  1. Udit jindal Avatar
    Udit jindal

    umda lines

  2. महेश गुप्ता जौनपुरी Avatar
    महेश गुप्ता जौनपुरी

    वाह बहुत

  3. राम नरेशपुरवाला

    Good

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