आतंकवाद

आतंकवाद की जड़ को काटने की जरूरत है
जेल मे डालो या फांसी दो देखना नहीं मुहूर्त है
इसने इंसानियत को शर्मसार किया है
इंसान के अंदर छिपे ये शैतान की सूरत है

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2 responses to “आतंकवाद”

  1. बेहतरीन अभिव्यक्ति

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