जिन्दगी में मुश्किलें हैं,
और भी तो अड़चनें हैं,
आपसे हम दूर रहकर
क्या हमेशा खुश रहे हैं।
आपसे हम दूर रहकर
Comments
9 responses to “आपसे हम दूर रहकर”
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वाह
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सादर धन्यवाद जी
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वाह
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हार्दिक आभार
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🙏
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कवि के मनोभावों का खूबसूरत चित्रण
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Thanks
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वाह जी
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Thanks
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