आलस अब तो नैन से, दूर चले जा दूर,
आने दे अब ताजगी, आने दे अब नूर।
आने दे अब नूर, बिछी सूरज की किरणें,
नई रोशनी आज, ला रही मेरे मन में।
कहे लेखनी नींद, अभी तू दूर चले जा,
रात मिलेंगे अभी कहीं तू दूर चले जा।
आलस अब तो नैन से
Comments
2 responses to “आलस अब तो नैन से”
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अतिसुंदर
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वाह बेहद खूबसूरत रचना
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