आवाज

बातों में से बात निकलती है,
चुप रहता हूँ आवाज़ निकलती है,
शब्दों का ही खेल है मानो,
जैसे समन्दर से सौगात निकलती है।

Comments

3 responses to “आवाज”

  1. राम नरेशपुरवाला

    वाह

  2. राम नरेशपुरवाला

    सुन्दर

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