इक जिंदगी थी मेरे पास
जो खो गयी है
रखता था जिसको बड़े सहेजकर
मेरी फटी जेब से
इक दिन अचानक सरक गयी
बिना आवाज किये
आज तलक उसको ढूढ रहा हूं
इक जिंदगी थी मेरे पास
इक जिंदगी थी मेरे पास
Comments
One response to “इक जिंदगी थी मेरे पास”
-
Clear ideas
Leave a Reply
You must be logged in to post a comment.