‘इक दिल के टूट जाने से…….

‘इक दिल के टूट जाने से क्या—क्या नहीं टूटा,
पायल तो रही पांवों में, घुंघरु नहीं रहे………..’
………………………………………………….सतीश कसेरा

Comments

4 responses to “‘इक दिल के टूट जाने से…….”

    1. satish Kasera Avatar

      Bahut Shukriya…………..

  1. राम नरेशपुरवाला

    Good

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