इक सदी से

मैं इक सदी से बैठी हूं, इस मोड़ पर
मगर कोई इंसा इधर से गुजरा नहीं

Comments

7 responses to “इक सदी से”

  1. Pankaj Garg Avatar

    छोड़ दो सदायें देना नादान भंवरों को,
    कली से सीखो हुनर आशिक़ी का…

  2. राम नरेशपुरवाला

    Good

  3. Abhishek kumar

    सुन्दर रचना

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