यदि इच्छा-शक्ति हो सबल,
तो हर कार्य करना हो सरल।
योग्यता यदि कम भी है तो,
इच्छा-शक्ति का विस्तार करो।
किसी कार्य को कभी ना समझो भार,
हर दायित्व से प्यार करो।
फ़िर कठिन डगर भी कट जाएगी,
कोई बाधा होगी, वह भी हट जाएगी।
बस रहे लक्ष्य पर नजर तुम्हारी,
फ़िर तुम्हें हर राह मंजिल तक पहुंचाएगी।।
_____✍️गीता
इच्छा-शक्ति
Comments
4 responses to “इच्छा-शक्ति”
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यदि इच्छा-शक्ति हो सबल,
तो हर कार्य करना हो सरल
—– कवि गीता जी की बहुत सुंदर पंक्तियाँ। बहुत लाजवाब कविता।-
आपकी इस प्रेरक समीक्षा हेतु आपका हार्दिक आभार सर, बहुत-बहुत धन्यवाद
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बहुत खूब
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बहुत-बहुत शुक्रिया भाई जी 🙏
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