इजहार का दिन है

प्रेम के इजहार का दिन है प्यारे
तू क्यों पीछे होता है,
दे दे प्रिय को तोहफे में फूल,
नहीं तो चुभेगा हृदय में शूल
आँखों से बहेगी लघु सिंचाई की गूल
इससे पहले कि हमारे भीतर
उग आयें पुराने ख्यायलात
रूढ़ि के वशीभूत हम
मामले को दे दें तूल
हैप्पी वेलेंटाइन डे कहना मत भूल..।
अन्यथा हृदय में रह जायेगी कसक
क्यों नहीं कहा होगा
सोच कर भीतर चुभेंगे शूल,
अतः कह डाल
मिटा दे प्रेम पर पड़ी धूल,
अभी भी समय है प्यारे
हैप्पी वेलेंटाइन डे
कहना मत भूल।
उठ मुहब्बत के झूले में झूल
मन में कांटों की जगह
उगा ले फूल
प्रिय को दे दे तोहफे में फूल।

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