इस जीवन की कुछ कविताएं
तुमको आज सुनाती हूँ
बैठी-बैठी सोती हूँ और
सोती-जगती रह जाती हूँ
सहमी-सहमी हुई हवाएं
मेरे इस जीवन पथ की
धूप लगे कष्टों की और
छांव लगे मनुहारों की
कविता की कुछ पंक्ति लेकर मैं
तुमको आज सुनाती हूँ
इस जीवन की व्यथा मैं मित्रों
तुमको कहके सुनाती हूँ….
इस जीवन की कुछ कविताएं…
Comments
4 responses to “इस जीवन की कुछ कविताएं…”
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अतिसुंदर रचना
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धन्यवाद
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Very nice
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Tq
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