इस दिल को ना बेज़ार करो

जब चारों ओर अंधेरा हो,
किसी डर ने आपको घेरा हो
छोड़ के उस डर को,
आगे की जीत का सोचो
जो ख़्वाब सजाए थे कभी,
आपने अपने अपनों के लिए
उन ख़्वाबों की ही खातिर,
इस दिल को ना बेज़ार करो..

*****✍️गीता

Comments

12 responses to “इस दिल को ना बेज़ार करो”

  1. Vasundra singh Avatar

    काबिल ए तारीफ़ प्रतिभा है आपमें

    1. बहुत बहुत धन्यवाद वसुंधरा जी 🙏

  2. अति सुंदर🤔❤

    1. Geeta kumari

      बहुत बहुत धन्यवाद ऋषि

  3. Pt, vinay shastri ‘vinaychand’

    अतिसुंदर भाव

    1. बहुत बहुत धन्यवाद आपका भाई जी 🙏

  4. वाह, काबिले तारीफ़ रचना 👌

  5. This comment is currently unavailable

    1. Geeta kumari

      Thank you bhai

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