उठ जाग मत थक हार इंसान तू

✍?(अंदाज )?✍
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उठ जाग मत थक हार इंसान तू
मानवीय औकात निखार इंसान तू

है तू प्रचंड शक्ति शाली बलवान
आत्म ज्ञान परख संवार इंसान तू

मानवता का न गिरने दे स्तर यहाॅ
स्व पहचान कर रख धार इंसान तू

तेरा कम॔ चरित्र गुण की हो पूजा
अपना शौर्य सूर उबार इंसान तू

विकृत परिवेश प्रथा हालात हटा
बुध्दि शक्ति से कर वार इंसान तू

श्याम दास महंत
घरघोडा
जिला-रायगढ (छग)
✍??????✍
(दिनांक -26-04-2018)

Comments

2 responses to “उठ जाग मत थक हार इंसान तू”

  1. राम नरेशपुरवाला

    Good

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