उन वीरों को नमन करें हम

उन वीरों को नमन करें हम
जो सीमा पर जूझ रहे हैं ,
भारत माँ की रक्षा खातिर
जो दुश्मन को कूट रहे हैं।
ऊँचे – ऊँचे, ठन्डे – ठन्डे
कठिन पर्वतों की चोटी पर,
अडिग खड़े हैं, निडर खड़े हैं
जोशीले भरपूर रहे हैं।
दुश्मन की घुसपैठ रोकने
को ताने बंदूक खड़े हैं,
भारतमाता के चरणों में
लहू चढाने कूद पड़े हैं।
भारतमाता की जय के नारे
लगा रहे हैं सीमा पर,
सारा मुल्क सलामी देता
स्नेह निछावर वीरों पर।
——- डॉ सतीश पांडेय

Comments

13 responses to “उन वीरों को नमन करें हम”

  1. Kumar Piyush

    जय हो जय हो, जय हिन्द, सावन में इस सावन में देश प्रेम की जो लहर चल रही है , वह काबिलेतारीफ है

    1. धन्यवाद जी जो आप देश प्रेम की इतनी सुन्दर पंक्तियाँ लिख रहे हैं इस प्लेटफार्म का सुंदर सदुपयोग हो रहा है

    2. Satish Pandey

      धन्यवाद

  2. Geeta kumari

    जय हिन्द 🇮🇳 वीर रस और देश प्रेम से सजी सुंदर पंक्तिया

    1. Satish Pandey

      आभार, गीता जी

  3. Pt, vinay shastri ‘vinaychand’

    प्रोत्साहन मिले हमारे वीरों को
    सदा हमारी कविता से।
    प्रच्छालित पद पंकज हो इनके
    नित नयन नीर सरिता से ।। शत बार नमन।।
    बहुत खूब। जय जवान। जय हिन्दुस्तान।।

    1. Satish Pandey

      सादर आभार, आपने बहुत ही सुंदर पंक्तियाँ लिखी हैं शास्त्री जी

  4. MS Lohaghat

    Waah Waah

    1. Satish Pandey

      Thanks

  5. Indu Pandey

    जय हिन्द

    1. Satish Pandey

      jay hind

  6. देशभक्ति पर सुंदर रचना वीर रस तथा पुनरुक्ति अलंकार का उत्तम प्रयोग

    1. Satish Pandey

      Thanks

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