उसकी आबरु को यहाँ छीन लिया जाता हैं,
जिस देश मे”बेटी बचाओ,बेटी पढ़ाओ” का नारा दिया जाता हैं,
हर छोटे मसले पर यहाँ
बड़े फैसले होते हैं,
बस अहम बात को दबा दिया जाता हैं,
रौंद देते हो मासूमियत को पैरों तेले,
तुम्हारे अंदर का इंसान क्या मर जाता हैं,
जब आती हैं बात इंसाफ़ की,
मेरे देश का कानून किधर जाता हैं,
सीता हो,
द्रोपदी हो,
या हो निर्भया, आसिफा
क्यों,हर लड़ाई में
स्त्री के अस्तित्व को नोच दिया जाता हैं,
रहते हैं सिर्फ़ भक्षक यहाँ,
जिस धरती को देवताओं की जन्मभूमि कहा जाता हैं ।
– राजनंदिनी रावत,राजस्थान(ब्यावर)
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