उसके चेहरे से नजर हे कि हटती नहीं..

उसके चेहरे से नजर हे कि हटती नहीं

वो जो मिल जाये अगर चहकती कहीं

 

जिन्दगी मायूस थी आज वो महका गयी

जेसे गुलशन में कोई कली खिलती कहीं

 

वो जो हंसी जब नजरे मेरी बहकने लगी

मन की मोम आज क्यों पिगलती गयी

 

महकने लगा समां चांदनी खिलने लगी

छुपने लगा चाँद क्यों आज अम्बर में कहीं

 

भूल निगाओं की जो आज उनसे टकरा गयी

वो बारिस बनकर मुझ पे बरसती गयी

 

कुछ बोलना ना चाहते थे मगर ये दिल बोल उठा

धीरे- धीरे मधुमयी महफिल जमती गयी

 

आँखों का नूर करता मजबूर मेरी निगाहों को

दिल के दर्पण पर उसकी तस्वीर बनती गयी

 

सदियों से बंद किये बेठे थे इस दिल को

मगर चुपके से वो इस दिल में उतरती गयी

 

तिल तिल जलता हे दिल मगर दुंहा हे कि उठती नहीं

परवाना बनकर बेठे हे शमां हे की जलती नहीं

 

हो गयी क़यामत वो जो सामने आ गयी

दर्द ऐ दिल से गजल आज क्यों निकलती गयी

 

थोडा सा शरमाकर, हल्के से मुस्कुराकर झुकी जो नजर

नज़रे-नूर-ओ-रोशनी में मेरी रंगे-रूह हल्के से घुलती गयी

Comments

8 responses to “उसके चेहरे से नजर हे कि हटती नहीं..”

  1. Ankit Bhadouria Avatar
    Ankit Bhadouria

    सदियों से बंद किये बेठे थे इस दिल को
    मगर चुपके से वो इस दिल में उतरती गयी…………bht khoob

  2. Pankaj Soni Avatar
    Pankaj Soni

    जो कभी मुड़कर ना देखती थी , मुझे ….
    वही आज मेरा दीदार करने , मेरी गलियोँ से गुजरती गयी……

    मनभावन , मन से मन की रचना ….pnna bhai

    1. Panna Avatar
      Panna

      bahut khoob pankaj.. 🙂

      1. Pankaj Soni Avatar
        Pankaj Soni

        सुक्रिया पन्ना भाई

  3. Panna Avatar
    Panna

    thanks sachin

  4. राम नरेशपुरवाला

    Good

  5. Satish Pandey

    बहुत खूब, बहुत सुंदर

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