उस तक बात नहीं पहुँचती आजकल
ब्लॉक है सब जगह
बात हुए अरसा हो गया
कभी कभी देखता हु सपनो मे
वही मेरा औकात है
ऐसा उसने कहा था
कुछ लोग साथ होते है
कुछ भी एक्सपेक्ट नहीं करते
कुछ लोग बस छोड़ जाने के लिए होते है
क्यों की तुम उनके स्टेटस जात धर्म
या घर की पसंद नहीं होते हो
ज़िन्दगी लम्बी नहीं
खुशुनुमा होनी चाहिए
कोई ईगो नहीं कोई घमंड नहीं
बस खुशी खुशी कटनी चाहिए
जो भी घुटन का अहसास तुम्हे कराए
उसे उसके मुकदर पर छोड़ दो
कर्मा कुछ होता है तोह वैट करो
कभी तेरा सिक्का भी चलेगा
बस रब से यही दुआ करता हु
की खोकला ना हो जाऊ
और उस वक़्त तक रहू
की वोह कहे काश हम उनके साथ होते
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